

आईपीएल के 18वें संस्करण में 5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है। इस सीजन चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले मैच में मुंबई इंडियंस जैसी बड़ी टीम को मात दी। लेकिन इसके बाद टीम जीत के ट्रैक से उतर चुकी है और लगातार 2 हार झेल चुकी है। उन्हें सबसे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने चेपॉक में हराया। वहीं अब राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें मात दी है। ऐसे में चेन्नई को टॉप-4 में पहुंचने के लिए हर हाल में वापसी करना होगा। इसके लिए उन्हें आगामी मैचों में कुछ बदलाव भी करने होंगे। हम आज आपको बताएंगे कि, चेन्नई को क्या 3 बदलाव नहीं करेंगे, जिससे चेन्नई को फायदा होगा।
3) आर अश्विन की जगह अंशुल कंबोज
आईपीएल के सबसे अच्छे स्पिन गेंदबाजों में से एक रहे दिग्गज आर अश्विन को चेन्नई सुपर किंग्स ने बड़ी ही उम्मीदों के साथ अपनी टीम में शामिल किया है। इस फिरकी गेंदबाज का इस सीजन में अब तक काफी फीका शो रहा है। खासकर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले गए इस मैच में उन्होंने बहुत ही खराब गेंदबाजी की। अश्विन ने अपने 4 ओवर के स्पेल में 46 रन लुटा डाले और 1 ही विकेट निकाला। उनका ये प्रदर्शन चेन्नई के लिए हार के कारण में से एक रहा। ऐसे में आने वाले मैच में उनकी जगह अंशुल कम्बोज मौका को दिया जा सकता है। अंशुल का घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन शानदार रहा है।
2) डेवोन कॉनवे की जगह राहुल त्रिपाठी
चेन्नई सुपर किंग्स ने डेवोन कॉनवे की जगह युवा सनसनी रचिन रवींद्र पर भरोसा करने का फैसला किया। उन्होंने उन्हें राहुल त्रिपाठी के साथ ओपनिंग के लिए भेजा, जबकि रुतुराज को तीसरे नंबर पर रखा। रवींद्र ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन उनके साथी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। गायकवाड़ का तीसरे नंबर पर आना उनके लिए फायदेमंद है क्योंकि इससे उन्हें नई गेंद से तेज गेंदबाजों से बचने में मदद मिलेगी।
त्रिपाठी के जल्दी आउट होने से टीम को अच्छी शुरुआत नहीं मिल पा रही है। डेवोन कॉनवे के होने से सीएसके की शीर्ष पर मजबूती बढ़ेगी। आईपीएल में उनका रिकॉर्ड अच्छा है, उन्होंने 2023 में सीएसके को खिताब जीतने में मदद की है। दूसरे छोर पर कॉनवे के होने से रचिन को भी अपना स्वाभाविक खेल खेलने का मौका मिलेगा। पहले दो मैचों में उन्होंने पारी को संभालने की कोशिश की, जो उनकी भूमिका होनी चाहिए।
1) एमएस धोनी को बैटिंग करने में करना होगा बदलाव
पिछले हफ्ते चेपक में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ मिली हार के दौरान माही नौवें नंबर पर बैटिंग करने आए थे जिसकी वजह से उनकी खूब आलोचना हुई थी। वहीं रविवार को राजस्थान रॉल्यस के खिलाफ धोनी ने सातवें नंबर पर बल्लेबाजी की जब सीएसके को 25 गेंद पर 54 रन की जरूरत थी लेकिन वह 11 गेंद पर सिर्फ 16 रन ही बना सके और टीम को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ छह रन से हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में अगर एमएस धोनी बैटिंग ऑर्डर में ऊपर बल्लेबाजी करने आते हैं तो उससे चेन्नई को काफी फायदा हो सकता है।