
Virat Kohli (Photo Source: Getty Images)
विराट कोहली आईपीएल इतिहास के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। स्टार बल्लेबाज ने 18वें सीजन का आगाज भी शानदार अंदाज में कर दिया है। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ पहले मैच में नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली। विराट ने पिछले सीजन 15 मैचों में 741 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीता था। इस बार भी बल्लेबाज की मंशा ऑरेंज कैप अपने नाम करने पर होगी।
विराट कोहली आईपीएल इतिहास के एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पूरे 18 सीजन एक ही फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधित्व किया है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2008 में प्लेयर ड्रॉफ्ट में 19 वर्षीय विराट कोहली को साइन किया था और तब से ही टीम का हिस्सा है। लेकिन क्या होता अगर विराट को उनकी होम टीम दिल्ली ने साइन किया होता? आइए आपको बताते हैं
जानें क्या होता अगर विराट कोहली दिल्ली फ्रेंचाइजी के लिए खेलते?
RCB की तरह दिल्ली भी विराट कोहली को अपने साथ बनाये रखती
अगर विराट दिल्ली फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहते तो उन्हें फ्रेंचाइजी उनके करियर के अंत अपने साथ बनाये रखती। 2011 वनडे वर्ल्ड कप के बाद विराट की लोकप्रियता बढ़ती चली गई और खेल के हर फॉर्मेट में उन्होंने रिकॉर्ड बनाए और तोड़े।
दिल्ली के कप्तान होते विराट कोहली
विराट कोहली अगर दिल्ली फ्रेंचाइजी का हिस्सा होते तो जाहिर सी बात है कि वह कप्तान होते। आपको बता दें, दिल्ली ने अब तक 18 आईपीएल सीजन में 13 कप्तान बदलें। अगर विराट कप्तान होते तो टीम में काफी हद तक कंसिस्टेंसी होती। विराट ने 2013 से 2021 तक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी संभाली है।
दिल्ली जीत सकती थी आईपीएल खिताब
जैसा कि हम सब जानते हैं दिल्ली कैपिटल्स और विराट कोहली अब तक एक भी आईपीएल ट्रॉफी नहीं जीत पाए हैं। हो सकता है अगर विराट दिल्ली का हिस्सा रहते तो शायद दोनों के नाम एक ना एक आईपीएल खिताब होता।
मैदान पर नहीं होती कोहली-गंभीर की लड़ाई
आईपीएल इतिहास के सबसे विवादित पलों में से एक हैं, जब बेंगलुरु और कोलकाता के बीच मैच के दौरान विराट कोहली और गौतम गंभीर आपस में भिड़ गए थे। दोनों की ही होम टीम दिल्ली है, ऐसे में अगर दोनों एक ही टीम में रहते तो फैंस को यह विवादित मोमेंट देखने को नहीं मिलता।